Rajputana Royal Status For Rajput
Rajputana Royal whatsapp Status
बिकने वाले और भी है, जाओ जा कर खरीद लो हम ‘कीमत’ से नही ‘किस्मत’ से मिला करते है. मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों तेरी औकात से बहार है. बडा अजीब सा खोफ था उस शेर की आँखो मे.जिसने जंगल
ना किसी से ईर्ष्या!..ना किसी से कोई होड़, मेरी अपनी मंजिलें,मेरी अपनी दौड़ लोग हमारे बारे में क्या सोचते हे ? ये भी हम सोचेंगे तो लोग क्या सोचेंगे ! इतनी नाराज मत हुआ करो हमसे, कुछ दिन साथ रहो, हमारे, तेवर देखकर हमारे ‘फेवर’ में हो जाओगी लोग चुराने लगे
ना किसी से ईर्ष्या!..ना किसी से कोई होड़, मेरी अपनी मंजिलें,मेरी अपनी दौड़ लोग हमारे बारे में क्या सोचते हे ? ये भी हम सोचेंगे तो लोग क्या सोचेंगे ! इतनी नाराज मत हुआ करो हमसे, कुछ दिन साथ रहो, हमारे, तेवर देखकर हमारे ‘फेवर’ में हो जाओगी लोग चुराने लगे
अपने दुश्मनों को एक सलाह देता हूँ शेर के वार और मेरे यार से हमेशा दूर रहना
जोश में आते हे जोश में जाते हे , जहा भी जाते हे होश उड़ाते हे |
मगरमच्छ की पकड़ और राजपूतो की अकड़ जबरदस्त होती हे।
होश उड़ाना शौक नही, पेशा है मेरा, क्या करें STYLE ही कुछ एसा है मेरा ||
आँखे न दिखा हमको , हम वो राजपूत हे जो आँखे निकाल लिया करते हे. जय राजपुताना
सुनलो सब ! हम राजपूत है। जन्म से संस्कारी है इसलिए तमीज़ कभी सीखना मत अकड़ कभी दिखाना मत
हम पर ऊँगली सोच समझ कर उठाना हम राजपूत हे मारते नहीं , मार डालते हे। जय राजपुताना
अपने दो शौक पुराने हैं..!! एक तो शाही सवारी दूजा राईफल हो भारी, बाकी भाड में जाये दुनिया सारी…!! ।।जय राजपूताना
जय राजपूताना राजपूत -राजपूत चील्लाने का शोक नहीं हमें….!! अंदाज देखकर ही लोग पूछ लेते हैं ओर कुँवर सा ? …..!! ।।जय राजपूताना ।।
मनुष्य होना मेरा भाग्य हैं पर क्षत्रिय होना तो मेरा सौभाग्य है. गर्व है मुझे राजपूत होने पर |
सिंह का मुखोटा लगाकर कोई शेर नहीँ बनता, कुछ हुनर खून मेँ होते हे सिखाए नहीँ जाते
आदत हमारी “खराब” नही दोस्तों बस जींदगी “रोयल” जीते है
राजपूत रणबांकुरा , साथ सदा तलवार ।
पीठ दिखावे ना कभी, ना करे पीठ पर वार ।। जय राजपूताना
अरे हम तो उनमे से है, जो चलती गाङी से पैर सङक पर रख दे,
अरे हम तो उनमे से है, जो चलती गाङी से पैर सङक पर रख दे,
तो सङक भी शाँत होकर बोलती है ,पाय लागु बना |
न कहा करो हर बार की हम छोड़ देंगे तुमको, न हम इतने आम हैं, न ये तेरे बस की बात है…!! राजपूतों की पहोंच दिल्ली से लेकर शमशान तक हैं , आवाज दिल्ली तक जाती हैं ओर दुश्मन शमशान तक । हम राजपूत हे, प्यार से मांग लो ‘जान हाजिर’ है, वरना तलवारों से इतिहास लिखना हमारी परंपरा हे ।।
माचिस को तो लोग युही बदनाम करते हे । जल तो सब तभी जाते हे जब राजपूतो के ठाठ देखते हे । यु हर किसी के हाथों बिकने को तैहार नही ये राजपूत का ज़िगर है ना की तेरे शहर का अखबार | शेर की झलक सबसे अलग | जय महाराणा
न कहा करो हर बार की हम छोड़ देंगे तुमको, न हम इतने आम हैं, न ये तेरे बस की बात है…!! राजपूतों की पहोंच दिल्ली से लेकर शमशान तक हैं , आवाज दिल्ली तक जाती हैं ओर दुश्मन शमशान तक । हम राजपूत हे, प्यार से मांग लो ‘जान हाजिर’ है, वरना तलवारों से इतिहास लिखना हमारी परंपरा हे ।।
माचिस को तो लोग युही बदनाम करते हे । जल तो सब तभी जाते हे जब राजपूतो के ठाठ देखते हे । यु हर किसी के हाथों बिकने को तैहार नही ये राजपूत का ज़िगर है ना की तेरे शहर का अखबार | शेर की झलक सबसे अलग | जय महाराणा
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